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सहीह मुस्लिम

नंबर 7045

नंबर 7045किताब 52, नंबर 1अरबी नंबरिंग 2785
حَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنِي الْمُغِيرَةُ، - يَعْنِي الْحِزَامِيَّ - عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِنَّهُ لَيَأْتِي الرَّجُلُ الْعَظِيمُ السَّمِينُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ لاَ يَزِنُ عِنْدَ اللَّهِ جَنَاحَ بَعُوضَةٍ اقْرَءُوا ‏{‏ فَلاَ نُقِيمُ لَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَزْنًا‏}‏ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:A bulky person would be brought on the Day of judgment and he would not carry the weight to the eye of Allah equal even to that of a gnat. Nor shall We set up a balance for them on the Day of Resurrection" (xviii)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।