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सहीह मुस्लिम

नंबर 7030

नंबर 7030किताब 51, नंबर 7अरबी नंबरिंग 2775.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ خَلاَّدٍ الْبَاهِلِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ - حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ، عَنْ عُمَارَةَ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ وَهْبِ بْنِ رَبِيعَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، ح وَقَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنِي مَنْصُورٌ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ أَبِي مَعْمَرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، بِنَحْوِهِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of 'Abdullah through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · Characteristics of The Hypocrites And Rulings Concerning Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।