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सहीह मुस्लिम

नंबर 6950

नंबर 6950किताब 49, नंबर 14अरबी नंबरिंग 2743.02
وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا أَبُو عَاصِمٍ، عَنِ ابْنِ، جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، ح وَحَدَّثَنِي سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو كُرَيْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ الْبَجَلِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ، حَدَّثَنَا أَبِي وَرَقَبَةُ بْنُ مَسْقَلَةَ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَحَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - يَعْنُونَ ابْنَ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ - حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، كُلُّهُمْ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ أَبِي ضَمْرَةَ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ وَزَادُوا فِي حَدِيثِهِمْ ‏"‏ وَخَرَجُوا يَمْشُونَ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ صَالِحٍ ‏"‏ يَتَمَاشَوْنَ ‏"‏ ‏.‏ إِلاَّ عُبَيْدَ اللَّهِ فَإِنَّ فِي حَدِيثِهِ ‏"‏ وَخَرَجُوا ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ بَعْدَهَا شَيْئًا ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Musa b. 'Uqba but with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Book of Heart-Melting Traditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।