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सहीह मुस्लिम

नंबर 6946

नंबर 6946किताब 49, नंबर 10अरबी नंबरिंग 2741.01
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ الْعَنْبَرِيُّ، وَسُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، جَمِيعًا عَنِ الْمُعْتَمِرِ، قَالَ ابْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ قَالَ أَبِي حَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدِ بْنِ حَارِثَةَ، وَسَعِيدِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ، أَنَّهُمَا حَدَّثَا عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ مَا تَرَكْتُ بَعْدِي فِي النَّاسِ فِتْنَةً أَضَرَّ عَلَى الرِّجَالِ مِنَ النِّسَاءِ ‏"‏ ‏.‏
Usama b. Zaid b. Harith and Sa'id b. Zaid b. 'Amr b. Naufal both reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:I have not left after me turmoil for the people but the harm done to men by women

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Book of Heart-Melting Traditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।