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सहीह मुस्लिम

नंबर 6906

नंबर 6906किताब 48, नंबर 99अरबी नंबरिंग 2722
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، - وَاللَّفْظُ لاِبْنِ نُمَيْرٍ - قَالَ إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآَخَرَانِ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، وَعَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ، قَالَ لاَ أَقُولُ لَكُمْ إِلاَّ كَمَا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ كَانَ يَقُولُ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ وَالْجُبْنِ وَالْبُخْلِ وَالْهَرَمِ وَعَذَابِ الْقَبْرِ اللَّهُمَّ آتِ نَفْسِي تَقْوَاهَا وَزَكِّهَا أَنْتَ خَيْرُ مَنْ زَكَّاهَا أَنْتَ وَلِيُّهَا وَمَوْلاَهَا اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عِلْمٍ لاَ يَنْفَعُ وَمِنْ قَلْبٍ لاَ يَخْشَعُ وَمِنْ نَفْسٍ لاَ تَشْبَعُ وَمِنْ دَعْوَةٍ لاَ يُسْتَجَابُ لَهَا ‏"‏ ‏.‏
ज़ैद बिन अरक़म -रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "ऐ अल्लाह, मैं तेरी शरण माँगता हूँ, विवशता तथा सुस्ती से, कंजूसी और बुढ़ापे से एवं क़ब्र की यातना से। ऐ अल्लाह, मुझे तक़वा प्रदान करो और पवित्र कर दे। तू ही मुझे सबसे बेहतर पवित्र करने वाला है। तू ही मेरा मालिक और प्रभु है। ऐ अल्लाह, मैं तेरी शरण चाहता हूँ, ऐसे ज्ञान से जो लाभदायक न हो, ऐसे दिल से जो तेरा भय न रखता हो, ऐसी आत्मा से जो संतुष्ट न हो और ऐसी दुआ से जो क़बूल न हो।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।