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सहीह मुस्लिम

नंबर 6895

नंबर 6895किताब 48, नंबर 88अरबी नंबरिंग 2716.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، - وَاللَّفْظُ لِيَحْيَى - قَالاَ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ هِلاَلٍ، عَنْ فَرْوَةَ بْنِ نَوْفَلٍ الأَشْجَعِيِّ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ عَمَّا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَدْعُو بِهِ اللَّهَ قَالَتْ كَانَ يَقُولُ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا عَمِلْتُ وَمِنْ شَرِّ مَا لَمْ أَعْمَلْ ‏"‏ ‏.‏
Farwa' b. Naufal Ashja'i reported:I asked: 'A'isha, in what words did Allah's Messenger (ﷺ) supplicate Allah? She said that he used to utter:" I seek refuge in Thee from the evil of what I did and from the evil of what I did not

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।