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सहीह मुस्लिम

नंबर 6868

नंबर 6868किताब 48, नंबर 62अरबी नंबरिंग 2704.07
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ، - وَهُوَ ابْنُ غِيَاثٍ - حَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ، عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ أَلاَ أَدُلُّكَ عَلَى كَلِمَةٍ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ - أَوْ قَالَ - عَلَى كَنْزٍ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ فَقُلْتُ بَلَى ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Musa Ash'ari reported that Allah's Messenger (ﷺ) said to him:Should I not direct you to the words from the treasures of Paradise, or he said: Like a treasure from the treasures of Paradise? I said: Of course, do that. Thereupon he said:" There is no might and no power but that of Allah

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।