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सहीह मुस्लिम

नंबर 6831

नंबर 6831किताब 48, नंबर 27अरबी नंबरिंग 2675.06
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الْقَيْسِيُّ، حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، عَنْ أَبِيهِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرْ ‏ "‏ إِذَا أَتَانِي يَمْشِي أَتَيْتُهُ هَرْوَلَةً ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Mu'tamar from his father with the same chain of transmitters, with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।