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सहीह मुस्लिम

नंबर 6795

नंबर 6795किताब 47, नंबर 21अरबी नंबरिंग 157.08
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ، وَابْنُ، حُجْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنُونَ ابْنَ جَعْفَرٍ - عَنِ الْعَلاَءِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، وَأَبُو كُرَيْبٍ وَعَمْرٌو النَّاقِدُ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ حَنْظَلَةَ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَبِي يُونُسَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، كُلُّهُمْ قَالَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ غَيْرَ أَنَّهُمْ لَمْ يَذْكُرُوا ‏ "‏ وَيُلْقَى الشُّحُّ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Abu Huraira through other chains of narrators and there is no mention of:" Miserliness would be put (in the hearts of the people)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।