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सहीह मुस्लिम

नंबर 6791

नंबर 6791किताब 47, नंबर 17अरबी नंबरिंग 2672.04
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، قَالَ إِنِّي لَجَالِسٌ مَعَ عَبْدِ اللَّهِ وَأَبِي مُوسَى وَهُمَا يَتَحَدَّثَانِ فَقَالَ أَبُو مُوسَى قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ ‏.‏
Abu Wa'il reported:I was sitting with Abu Musa and 'Abdullah and they were conversing with each other and Abu Musa reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying (that we find in the above-mentioned ahadith)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।