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सहीह मुस्लिम

नंबर 6758

नंबर 6758किताब 46, नंबर 36अरबी नंबरिंग 2658.04
حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَأَحْمَدُ بْنُ عِيسَى، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ بْنُ، يَزِيِدَ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ أَبَا سَلَمَةَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ مَا مِنْ مَوْلُودٍ إِلاَّ يُولَدُ عَلَى الْفِطْرَةِ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ يَقُولُ اقْرَءُوا ‏{‏ فِطْرَةَ اللَّهِ الَّتِي فَطَرَ النَّاسَ عَلَيْهَا لاَ تَبْدِيلَ لِخَلْقِ اللَّهِ ذَلِكَ الدِّينُ الْقَيِّمُ‏}‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:No child is born but upon Fitra. He then said. Recite: The nature made by Allah in which He created man, there is no altering of Allah's nature; that is the right religion

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Destiny

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।