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सहीह मुस्लिम

नंबर 6741

नंबर 6741किताब 46, नंबर 19अरबी नंबरिंग 112.02
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْقَارِيَّ - عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الرَّجُلَ لَيَعْمَلُ عَمَلَ أَهْلِ الْجَنَّةِ فِيمَا يَبْدُو لِلنَّاسِ وَهُوَ مِنْ أَهْلِ النَّارِ ‏.‏ وَإِنَّ الرَّجُلَ لَيَعْمَلُ عَمَلَ أَهْلِ النَّارِ فِيمَا يَبْدُو لِلنَّاسِ وَهُوَ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
Sahl b. Sa'd reported it from Allah's Messenger (ﷺ) that a person performs deeds like the deeds of the people of Paradise apparently before people and he would be amongst the dwellers of Hell and a person acts apparently like the people of Hell, but (in fact) he would be among the dwellers of Paradise

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Destiny

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।