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सहीह मुस्लिम

नंबर 6738

नंबर 6738किताब 46, नंबर 16अरबी नंबरिंग 2649.02
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَابْنُ نُمَيْرٍ عَنِ ابْنِ عُلَيَّةَ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا جَعْفَرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، كُلُّهُمْ عَنْ يَزِيدَ الرِّشْكِ، فِي هَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ بِمَعْنَى حَدِيثِ حَمَّادٍ وَفِي حَدِيثِ عَبْدِ الْوَارِثِ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏.‏
This hadith has been narrated through other chains of transmiters with slight variations of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Destiny

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।