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सहीह मुस्लिम

नंबर 6722

नंबर 6722किताब 45, नंबर 217अरबी नंबरिंग 2642.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ وَكِيعٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنِي عَبْدُ الصَّمَدِ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا النَّضْرُ، كُلُّهُمْ عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي عِمْرَانَ الْجَوْنِيِّ، بِإِسْنَادِ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِهِ غَيْرَ أَنَّ فِي، حَدِيثِهِمْ عَنْ شُعْبَةَ غَيْرَ عَبْدِ الصَّمَدِ وَيُحِبُّهُ النَّاسُ عَلَيْهِ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ عَبْدِ الصَّمَدِ وَيَحْمَدُهُ النَّاسُ ‏.‏ كَمَا قَالَ حَمَّادٌ ‏.‏
This hadith has been narrated through another chain of transmitters also and the one transmitted on the authority of Shu'ba (the words are):" People love him." In the hadith transmitted on the authority of 'Abd-us-Samad (the words are):" People praise him as stated by Hammad

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।