सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6720

नंबर 6720किताब 45, नंबर 215अरबी नंबरिंग 2641
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ، نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَجُلٌ ‏.‏ فَذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ جَرِيرٍ عَنِ الأَعْمَشِ ‏.‏
Abu Musa, reported that a person came to Allah's Messenger (ﷺ) ; the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।