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सहीह मुस्लिम

नंबर 6706

नंबर 6706किताब 45, नंबर 202अरबी नंबरिंग 2637.02
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْقَارِيَّ - وَقَالَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ يَعْنِي الدَّرَاوَرْدِيَّ، ح وَحَدَّثَنَاهُ سَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو الأَشْعَثِيُّ، أَخْبَرَنَا عَبْثَرٌ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، ح وَحَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي مَالِكٌ، - وَهُوَ ابْنُ أَنَسٍ - كُلُّهُمْ عَنْ سُهَيْلٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ غَيْرَ أَنَّ حَدِيثَ، الْعَلاَءِ بْنِ الْمُسَيَّبِ لَيْسَ فِيهِ ذِكْرُ الْبُغْضِ ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of Suhail with the same chain of transmitters except with this variation that in the hadith transmitted on the authority of 'Ali' b. Musayyib, there is no mention of (the word)" Anger

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।