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सहीह मुस्लिम

नंबर 6700

नंबर 6700किताब 45, नंबर 197अरबी नंबरिंग 2634
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ، اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَصْبَهَانِيِّ، فِي هَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ بِمِثْلِ مَعْنَاهُ وَزَادَا جَمِيعًا عَنْ شُعْبَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَصْبَهَانِيِّ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا حَازِمٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ ‏ "‏ ثَلاَثَةً لَمْ يَبْلُغُوا الْحِنْثَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that he (the Holy Prophet) said:Three (children) who die in childhood

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।