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सहीह मुस्लिम

नंबर 6675

नंबर 6675किताब 45, नंबर 172अरबी नंबरिंग 2242.04
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ أَسْمَاءَ بْنِ عُبَيْدٍ الضُّبَعِيُّ، حَدَّثَنَا جُوَيْرِيَةُ، - يَعْنِي ابْنَ أَسْمَاءَ - عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ عُذِّبَتِ امْرَأَةٌ فِي هِرَّةٍ سَجَنَتْهَا حَتَّى مَاتَتْ فَدَخَلَتْ فِيهَا النَّارَ لاَ هِيَ أَطْعَمَتْهَا وَسَقَتْهَا إِذْ هِيَ حَبَسَتْهَا وَلاَ هِيَ تَرَكَتْهَا تَأْكُلُ مِنْ خَشَاشِ الأَرْضِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah reported that Allah's Messenger (ﷺ) said:A woman was tormented because of a cat which she had confined until it died and she had to get into Hell. She did not allow it either to eat or drink as it was confined, nor did she free it so that it might eat the vermin of the earth

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।