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सहीह मुस्लिम

नंबर 6673

नंबर 6673किताब 45, नंबर 170अरबी नंबरिंग 2618.01
حَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ أَبَانَ بْنِ صَمْعَةَ، حَدَّثَنِي أَبُو الْوَازِعِ حَدَّثَنِي أَبُو بَرْزَةَ، قَالَ قُلْتُ يَا نَبِيَّ اللَّهِ عَلِّمْنِي شَيْئًا أَنْتَفِعُ بِهِ قَالَ ‏ "‏ اعْزِلِ الأَذَى عَنْ طَرِيقِ الْمُسْلِمِينَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Barza reported:I said: Allah's Messenger, teach me something so that I may derive benefit from it. He said: Remove the troublesome thing from the paths of the Muslims

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।