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सहीह मुस्लिम

नंबर 6655

नंबर 6655किताब 45, नंबर 152अरबी नंबरिंग 2612.05
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنَا الْمُثَنَّى، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ، حَاتِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنِ الْمُثَنَّى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَفِي حَدِيثِ ابْنِ حَاتِمٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَاتَلَ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ فَلْيَجْتَنِبِ الْوَجْهَ فَإِنَّ اللَّهَ خَلَقَ آدَمَ عَلَى صُورَتِهِ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Abu Huraira and in the hadith transmitted on the authority of Ibn Hatim Allah's Apostle (ﷺ) is reported to have said:When any one of you fights with his brother, he should avoid his face for Allah created Adam in His own image

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।