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सहीह मुस्लिम

नंबर 6649

नंबर 6649किताब 45, नंबर 146अरबी नंबरिंग 2611.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَمَّا صَوَّرَ اللَّهُ آدَمَ فِي الْجَنَّةِ تَرَكَهُ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَتْرُكَهُ فَجَعَلَ إِبْلِيسُ يُطِيفُ بِهِ يَنْظُرُ مَا هُوَ فَلَمَّا رَآهُ أَجْوَفَ عَرَفَ أَنَّهُ خُلِقَ خَلْقًا لاَ يَتَمَالَكُ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:When Allah fashioned Adam in Paradise, He left him as He liked him to leave. Then Iblis roamed round him to see what actually that was and when he found him hollow from within, he recognised that he had been created with a disposition that he would not have control over himself

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।