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सहीह मुस्लिम

नंबर 6615

नंबर 6615किताब 45, नंबर 113अरबी नंबरिंग 2600.02
حَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، ح وَحَدَّثَنَاهُ عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، جَمِيعًا عَنْ عِيسَى بْنِ يُونُسَ، كِلاَهُمَا عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ نَحْوَ حَدِيثِ جَرِيرٍ وَقَالَ فِي حَدِيثِ عِيسَى فَخَلَوَا بِهِ فَسَبَّهُمَا وَلَعَنَهُمَا وَأَخْرَجَهُمَا ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of A'mash with the same chain of transmitters and the hadith transmitted on the authority of 'Isa (the words are):" He had a private meeting with them and hurled malediction upon them and cursed them and sent them out

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।