सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6605

नंबर 6605किताब 45, नंबर 103अरबी नंबरिंग 2595.02
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَأَبُو الرَّبِيعِ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، وَهُوَ ابْنُ زَيْدٍ ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا الثَّقَفِيُّ، كِلاَهُمَا عَنْ أَيُّوبَ، بِإِسْنَادِ إِسْمَاعِيلَ ‏.‏ نَحْوَ حَدِيثِهِ إِلاَّ أَنَّ فِي حَدِيثِ حَمَّادٍ قَالَ عِمْرَانُ فَكَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَيْهَا نَاقَةً وَرْقَاءَ وَفِي حَدِيثِ الثَّقَفِيِّ فَقَالَ ‏ "‏ خُذُوا مَا عَلَيْهَا وَأَعْرُوهَا فَإِنَّهَا مَلْعُونَةٌ ‏"‏ ‏.‏
Imran reported:I perceive as if I am looking towards that dromedary, and in the hadith transmitted on the authority of Thaqafi (the words are):" Unload it and make its back bare for it is accursed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।