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सहीह मुस्लिम

नंबर 6491

नंबर 6491किताब 44, नंबर 320अरबी नंबरिंग 2542.02
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالاَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - وَهُوَ ابْنُ سَلَمَةَ - عَنْ سَعِيدٍ الْجُرَيْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، قَالَ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ خَيْرَ التَّابِعِينَ رَجُلٌ يُقَالُ لَهُ أُوَيْسٌ وَلَهُ وَالِدَةٌ وَكَانَ بِهِ بَيَاضٌ فَمُرُوهُ فَلْيَسْتَغْفِرْ لَكُمْ ‏"‏ ‏.‏
Umar b. Khattab reported:I heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying: Worthy amongst the successors would be a person who would be called Uwais. He would have his mother (living with him) and he would have (a small) sign of leprosy. Ask him to beg pardon for you (from Allah)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।