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सहीह मुस्लिम

नंबर 6489

नंबर 6489किताब 44, नंबर 318अरबी नंबरिंग 2541.02
حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي ح، وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، جَمِيعًا عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، بِإِسْنَادِ جَرِيرٍ وَأَبِي مُعَاوِيَةَ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِهِمَا وَلَيْسَ فِي حَدِيثِ شُعْبَةَ وَوَكِيعٍ ذِكْرُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ وَخَالِدِ بْنِ الْوَلِيدِ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of al-A'mash and there is no mention by Shu'ba and Waki' of 'Abd al-Rahman b. Auf and Khalid

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।