حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَبِي زُرْعَةَ، قَالَ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ لاَ أَزَالُ أُحِبُّ بَنِي تَمِيمٍ مِنْ ثَلاَثٍ سَمِعْتُهُنَّ مِنْ، رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ " هُمْ أَشَدُّ أُمَّتِي عَلَى الدَّجَّالِ " . قَالَ وَجَاءَتْ صَدَقَاتُهُمْ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم " هَذِهِ صَدَقَاتُ قَوْمِنَا " . قَالَ وَكَانَتْ سَبِيَّةٌ مِنْهُمْ عِنْدَ عَائِشَةَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " أَعْتِقِيهَا فَإِنَّهَا مِنْ وَلَدِ إِسْمَاعِيلَ " .
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स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।