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सहीह मुस्लिम

नंबर 6446

नंबर 6446किताब 44, नंबर 275अरबी नंबरिंग 2522.03
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ عَبْدِ، الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرَةَ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَسْلَمُ وَغِفَارُ وَمُزَيْنَةُ وَجُهَيْنَةُ خَيْرٌ مِنْ بَنِي تَمِيمٍ وَمِنْ بَنِي عَامِرٍ وَالْحَلِيفَيْنِ بَنِي أَسَدٍ وَغَطَفَانَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Bakra reported from the Messenger of Allah (ﷺ) that Aslam, Ghifar, Muzaina and Juhaina are better than Banu Tamim, Banu Amir and their allies Banu Asad and Ghatfan

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।