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सहीह मुस्लिम

नंबर 6422

नंबर 6422किताब 44, नंबर 251अरबी नंबरिंग 2511.02
حَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، سَمِعْتُ أَنَسًا، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي أُسَيْدٍ الأَنْصَارِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏
Abu Usaid Ansari has reported this hadith through another chain of transmitters. When the Prophet (ﷺ) was marching towards Badr in order

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।