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सहीह मुस्लिम

नंबर 6352

नंबर 6352किताब 44, नंबर 182अरबी नंबरिंग 2469.02
حَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا سَالِمُ بْنُ نُوحٍ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَامِرٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ أُكَيْدِرَ، دُومَةِ الْجَنْدَلِ أَهْدَى لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ حُلَّةً فَذَكَرَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ وَكَانَ يَنْهَى عَنِ الْحَرِيرِ ‏.‏
Anas reported the king of Dumat al-Jandal presented to Allah's Messenger (ﷺ) the garment and lie made no mention (of the fact) that he prohibited the use of silk

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।