सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6331

नंबर 6331किताब 44, नंबर 161अरबी नंबरिंग 2461.03
وَحَدَّثَنِي الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّاءَ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، - هُوَ ابْنُ مُوسَى - عَنْ شَيْبَانَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَبِي الأَحْوَصِ، قَالَ أَتَيْتُ أَبَا مُوسَى فَوَجَدْتُ عَبْدَ اللَّهِ وَأَبَا مُوسَى ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُبَيْدَةَ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ، قَالَ كُنْتُ جَالِسًا مَعَ حُذَيْفَةَ وَأَبِي مُوسَى وَسَاقَ الْحَدِيثَ وَحَدِيثُ قُطْبَةَ أَتَمُّ وَأَكْثَرُ ‏.‏
Zaid b. Wahab reported:I was sitting along with Hudhaifa and Abu Musa, and the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।