सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6320

नंबर 6320किताब 44, नंबर 150अरबी नंबरिंग 2456
وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا بِشْرٌ، - يَعْنِي ابْنَ السَّرِيِّ - حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ دَخَلْتُ الْجَنَّةَ فَسَمِعْتُ خَشْفَةً فَقُلْتُ مَنْ هَذَا قَالُوا هَذِهِ الْغُمَيْصَاءُ بِنْتُ مِلْحَانَ أُمُّ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported that Allah's Apostle (ﷺ) said:I entered Paradise and heard the noise of steps. I said: Who is it? They said: She is Ghumaisa, daughter of Milhan, the mother of Anas b. Malik

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।