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सहीह मुस्लिम

नंबर 6304

नंबर 6304किताब 44, नंबर 134अरबी नंबरिंग 2447.04
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، أَخْبَرَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا عَائِشُ هَذَا جِبْرِيلُ يَقْرَأُ عَلَيْكِ السَّلاَمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَتْ فَقُلْتُ وَعَلَيْهِ السَّلاَمُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ ‏.‏ قَالَتْ وَهُوَ يَرَى مَا لاَ أَرَى ‏.‏
A'isha, the wife of Allah's Apostle (ﷺ), reported that Allah's Messenger (ﷺ) said:'A'isha, here is Gabriel offering you greetings. She said: 1 made a reply: Let there be peace and blessings of Allah upon him, and added: He sees what I do not see

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।