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सहीह मुस्लिम

नंबर 6301

नंबर 6301किताब 44, नंबर 131अरबी नंबरिंग 2447.01
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحِيمِ بْنُ سُلَيْمَانَ، وَيَعْلَى بْنُ عُبَيْدٍ، عَنْ زَكَرِيَّاءَ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا حَدَّثَتْهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لَهَا ‏ "‏ إِنَّ جِبْرِيلَ يَقْرَأُ عَلَيْكِ السَّلاَمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَتْ فَقُلْتُ وَعَلَيْهِ السَّلاَمُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ ‏.‏
A'isha reported that Allah's Messenger (ﷺ) said to her:Gabriel offered you greetings and I said: So there should be peace and mercy of Allah upon him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।