सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6235

नंबर 6235किताब 44, नंबर 65अरबी नंबरिंग 2412.01
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ بْنِ قَعْنَبٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ، - يَعْنِي ابْنَ بِلاَلٍ - عَنْ يَحْيَى، - وَهُوَ ابْنُ سَعِيدٍ - عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ، قَالَ لَقَدْ جَمَعَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَبَوَيْهِ يَوْمَ أُحُدٍ ‏.‏
Sa'd b Abi Waqqqs said:Allah's Messenger (may peace he upon him) gathered his parents for me on the Day of Uhud

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।