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सहीह मुस्लिम

नंबर 6211

नंबर 6211किताब 44, नंबर 41अरबी नंबरिंग 2402.02
حَدَّثَنَاهُ عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَالْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، كُلُّهُمْ عَنْ يَعْقُوبَ، بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يَحْيَى، بْنُ سَعِيدِ بْنِ الْعَاصِ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْعَاصِ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عُثْمَانَ وَعَائِشَةَ حَدَّثَاهُ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ الصِّدِّيقَ اسْتَأْذَنَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ فَذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ عُقَيْلٍ عَنِ الزُّهْرِيِّ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Uthman and A'isha with the same wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।