सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6199

नंबर 6199किताब 44, नंबर 30अरबी नंबरिंग 2394.02
وَحَدَّثَنَاهُ إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، وَابْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، سَمِعَ جَابِرًا، ح وَحَدَّثَنَاهُ عَمْرٌو النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ، سَمِعْتُ جَابِرًا، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِ حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ وَزُهَيْرٍ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Jabir through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।