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सहीह मुस्लिम

नंबर 6194

नंबर 6194किताब 44, नंबर 25अरबी नंबरिंग 2392.03
حَدَّثَنَا الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، قَالَ قَالَ الأَعْرَجُ وَغَيْرُهُ إِنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ رَأَيْتُ ابْنَ أَبِي قُحَافَةَ يَنْزِعُ ‏"‏ ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:I saw Ibn Abu Quhafa drawing (water) ; the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।