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सहीह मुस्लिम

नंबर 6164

नंबर 6164किताब 43, नंबर 222अरबी नंबरिंग 2380.02
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الْقَيْسِيُّ، حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيُّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ رَقَبَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ قِيلَ لاِبْنِ عَبَّاسٍ إِنَّ نَوْفًا يَزْعُمُ أَنَّ مُوسَى الَّذِي ذَهَبَ يَلْتَمِسُ الْعِلْمَ لَيْسَ بِمُوسَى بَنِي إِسْرَائِيلَ ‏.‏ قَالَ أَسَمِعْتَهُ يَا سَعِيدُ قُلْتُ نَعَمْ ‏.‏ قَالَ كَذَبَ نَوْفٌ ‏.‏
Sa, id b. jubair reported that it was said to Ibn 'Abbas that Nauf al-Bikali was of the opinion that Moses who went in search of knowledge was not the Moses of Bani Isra'il. He said:Sa'id, did you hear it from him? I said: Yes. Thereupon he said that Nauf had not stated the fact

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।