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सहीह मुस्लिम

नंबर 6154

नंबर 6154किताब 43, नंबर 212अरबी नंबरिंग 2373.04
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ قَالاَ أَخْبَرَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، وَسَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ اسْتَبَّ رَجُلٌ مِنَ الْمُسْلِمِينَ وَرَجُلٌ مِنَ الْيَهُودِ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:A person from amongst the Muslims and a person from amongst the Jews fell into dispute and reviled each other. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।