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सहीह मुस्लिम

नंबर 6124

नंबर 6124किताब 43, नंबर 182अरबी नंबरिंग 2359.06
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ الْحَارِثِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عَدِيٍّ، كِلاَهُمَا عَنْ هِشَامٍ، ح وَحَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ النَّضْرِ التَّيْمِيُّ، حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالاَ، جَمِيعًا حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ، بِهَذِهِ الْقِصَّةِ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Qatada

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।