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सहीह मुस्लिम

नंबर 6099

नंबर 6099किताब 43, नंबर 157अरबी नंबरिंग 2352.02
وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ - وَاللَّفْظُ لاِبْنِ الْمُثَنَّى - قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ، جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، سَمِعْتُ أَبَا إِسْحَاقَ، يُحَدِّثُ عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ الْبَجَلِيِّ، عَنْ جَرِيرٍ، أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاوِيَةَ، يَخْطُبُ فَقَالَ مَاتَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ ابْنُ ثَلاَثٍ وَسِتِّينَ وَأَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَأَنَا ابْنُ ثَلاَثٍ وَسِتِّينَ ‏.‏
Jabir reported that he heard Mu'awiya say in his address that Allah's Messenger (ﷺ) died at the age of sixty-three, so was the case with Abu Bakr and 'Umar, and I (am now) sixty-three

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।