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सहीह मुस्लिम

नंबर 6077

नंबर 6077किताब 43, नंबर 135अरबी नंबरिंग 2341.05
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا الْمُثَنَّى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ يُكْرَهُ أَنْ يَنْتِفَ الرَّجُلُ، الشَّعْرَةَ الْبَيْضَاءَ مِنْ رَأْسِهِ وَلِحْيَتِهِ - قَالَ - وَلَمْ يَخْتَضِبْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِنَّمَا كَانَ الْبَيَاضُ فِي عَنْفَقَتِهِ وَفِي الصُّدْغَيْنِ وَفِي الرَّأْسِ نَبْذٌ ‏.‏
Anas b. Malik did not like that a person should pick out his white hair from his head or beard, and Allah's Messenger (ﷺ) did not dye, and there was some whiteness in his hair at his chin, on his temples and very little on his head

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।