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सहीह मुस्लिम

नंबर 6072

नंबर 6072किताब 43, नंबर 130अरबी नंबरिंग 2340.02
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ الْقَوَارِيرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي الطُّفَيْلِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَمَا عَلَى وَجْهِ الأَرْضِ رَجُلٌ رَآهُ غَيْرِي ‏.‏ قَالَ فَقُلْتُ لَهُ فَكَيْفَ رَأَيْتَهُ قَالَ كَانَ أَبْيَضَ مَلِيحًا مُقَصَّدًا ‏.‏
Abu Tufail reported:I saw Allah's Messenger (ﷺ) and there is one amongst the people of the earth who (are living at the present time and) had seen him except me. I said to him: How did you find him? He said: He had an elegant white color, and he was of an average height

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।