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सहीह मुस्लिम

नंबर 6064

नंबर 6064किताब 43, नंबर 122अरबी नंबरिंग 2337.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ الْبَرَاءَ، يَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَجُلاً مَرْبُوعًا بَعِيدَ مَا بَيْنَ الْمَنْكِبَيْنِ عَظِيمَ الْجُمَّةِ إِلَى شَحْمَةِ أُذُنَيْهِ عَلَيْهِ حُلَّةٌ حَمْرَاءُ مَا رَأَيْتُ شَيْئًا قَطُّ أَحْسَنَ مِنْهُ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Al-Bara' reported that Allah's Messenger (ﷺ) was of medium height, having broad shoulders, with his hair hanging down on the lobes of his ears. He put on a red mantle over him, and never have I seen anyone more handsome than Allah's Apostle (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।