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सहीह मुस्लिम

नंबर 6040

नंबर 6040किताब 43, नंबर 97अरबी नंबरिंग 2323.04
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَنَسِ، بْنِ مَالِكٍ ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ، حَدَّثَنَا التَّيْمِيُّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَتْ أُمُّ سُلَيْمٍ مَعَ نِسَاءِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَهُنَّ يَسُوقُ بِهِنَّ سَوَّاقٌ فَقَالَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَىْ أَنْجَشَةُ رُوَيْدًا سَوْقَكَ بِالْقَوَارِيرِ ‏"‏ ‏.‏
Anas b. Malik reported that Umm Sulaim was with the wives of Allah's Apostle (ﷺ) and a camel-driver had been driving (the camels) oil which they were riding. Thereupon Allah's Apostle (ﷺ) said:Anjasha, drive slowly, for you are carrying (on the camels) vessels of glass

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।