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सहीह मुस्लिम

नंबर 6036

नंबर 6036किताब 43, नंबर 94अरबी नंबरिंग 2323.01
حَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ الْعَتَكِيُّ، وَحَامِدُ بْنُ عُمَرَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَأَبُو كَامِلٍ جَمِيعًا عَنْ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ، قَالَ أَبُو الرَّبِيعِ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ وَغُلاَمٌ أَسْوَدُ يُقَالُ لَهُ أَنْجَشَةُ يَحْدُو فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا أَنْجَشَةُ رُوَيْدَكَ سَوْقًا بِالْقَوَارِيرِ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported that Allah's Messenger (ﷺ) had in one of his journeys his black slave who was called Anjasha along with him. He goaded by singing the songs of camel-driver. Thereupon Allah's Messenger (ﷺ) said:Anjasha, drive slowly as you are driving (the mounts who are carrying) glass vessels

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।