सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6028

नंबर 6028किताब 43, नंबर 86अरबी नंबरिंग 2318.01
وَحَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، جَمِيعًا عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ عَمْرٌو حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، بْنُ عُيَيْنَةَ عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ الأَقْرَعَ بْنَ حَابِسٍ، أَبْصَرَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يُقَبِّلُ الْحَسَنَ فَقَالَ إِنَّ لِي عَشَرَةً مِنَ الْوَلَدِ مَا قَبَّلْتُ وَاحِدًا مِنْهُمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّهُ مَنْ لاَ يَرْحَمْ لاَ يُرْحَمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that al-Aqra' b. Habis saw Allah's Apostle (ﷺ) kissing Hasan. He said:I have ten children, but I have never kissed any one of them, whereupon Allah's Messenger (ﷺ) said: He who does not show mercy (towards his children), no mercy would be shown to him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।