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सहीह मुस्लिम

नंबर 6026

नंबर 6026किताब 43, नंबर 84अरबी नंबरिंग 2316
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، - وَاللَّفْظُ لِزُهَيْرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ - عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ مَا رَأَيْتُ أَحَدًا كَانَ أَرْحَمَ بِالْعِيَالِ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم - قَالَ - كَانَ إِبْرَاهِيمُ مُسْتَرْضِعًا لَهُ فِي عَوَالِي الْمَدِينَةِ فَكَانَ يَنْطَلِقُ وَنَحْنُ مَعَهُ فَيَدْخُلُ الْبَيْتَ وَإِنَّهُ لَيُدَّخَنُ وَكَانَ ظِئْرُهُ قَيْنًا فَيَأْخُذُهُ فَيُقَبِّلُهُ ثُمَّ يَرْجِعُ ‏.‏ قَالَ عَمْرٌو فَلَمَّا تُوُفِّيَ إِبْرَاهِيمُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ إِبْرَاهِيمَ ابْنِي وَإِنَّهُ مَاتَ فِي الثَّدْىِ وَإِنَّ لَهُ لَظِئْرَيْنِ تُكَمِّلاَنِ رَضَاعَهُ فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अंहु- का वर्णन है, वह कहते हैंः मैंने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं देखा, जो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से अधिक अपने परिवार पर कृपा करता हो। वह कहते हैंः -आपके पुत्र- इबराहीम मदीने के निकट की एक बस्ती में दूध पी रहे था। आप उन्हें देखने जाते। हम भी आपके साथ हो लेते। आप दूध पिलाने वाली के घर में प्रवेश करते, तो वह धुएँ से भरा होता। क्योंकि उसका पति लोहार था। आप अपने बेटे को लेकर बोसा देते और वापस हो जाते। अम्र कहते हैंः जब (आपके पुत्र) इबराहीम का निधन हुआ, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "इबराहीम मेरा बेटा है। उसकी मृत्यु दूध पीने की अवस्था में हुई है। उसे दो दूध पिलाने वाली दो दाईयां प्राप्त होंगी, जो जन्नत में उसे दूध पिलाने का कार्य संपन्न करेंगी।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।