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सहीह मुस्लिम

नंबर 6007

नंबर 6007किताब 43, नंबर 66अरबी नंबरिंग 2307.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ بِالْمَدِينَةِ فَزَعٌ فَاسْتَعَارَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فَرَسًا لأَبِي طَلْحَةَ يُقَالُ لَهُ مَنْدُوبٌ فَرَكِبَهُ فَقَالَ ‏ "‏ مَا رَأَيْنَا مِنْ فَزَعٍ وَإِنْ وَجَدْنَاهُ لَبَحْرًا ‏"‏ ‏.‏
Anas reported that there was consternation in Medina. The Messenger of Allah (ﷺ) borrowed the horse from Abu Talha which was called Mandub. He rode it and said:We have found no reason for consternation, and we have found it to be (as quick as a torrent) of water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।