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सहीह मुस्लिम

नंबर 5975

नंबर 5975किताब 43, नंबर 36अरबी नंबरिंग 2295.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو مَعْنٍ الرَّقَاشِيُّ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ قَالُوا حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ - وَهُوَ عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عَمْرٍو - حَدَّثَنَا أَفْلَحُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ كَانَتْ أُمُّ سَلَمَةَ تُحَدِّثُ أَنَّهَا سَمِعَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ عَلَى الْمِنْبَرِ وَهِيَ تَمْتَشِطُ ‏ "‏ أَيُّهَا النَّاسُ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَتْ لِمَاشِطَتِهَا كُفِّي رَأْسِي ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِ بُكَيْرٍ عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Umm Salama reported that she heard Allah's Apostle (ﷺ) saying this as he was sitting on the pulpit and she was getting her hair combed. (He uttered these words):" O people." And she said to one who was combing: Leave my head; the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।